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कृषि-बागवानी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी जल भंडारण योजनाः राकेश पठानिया—राज्य में 21.88 लाख लाभार्थियों को लगाई गई कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक

वन मन्त्री राकेश पठानिया ने आज यहां जल भंडारण योजना पर आयोजित एक कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में आगामी दो वर्षों में 8 से 10 लाख लीटर जल ग्रहण क्षमता की लगभग तीन हजार बड़ी जल भंडारण संरचनाएं तैयार की जाएंगी। जल भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर 100 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे और इस वित्त वर्ष के दौरान 150 जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
वन मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लभग 90 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में निवास करती है जिनकी आय का मुख्य स्त्रोत कृषि व बागवानी है। इसलिए ग्रामीण समुदाय को वर्ष भर सिचांई सुविधा उपलब्ध करवाने से उनकी आय में कई गुणा वृद्धि हो सकती है। जल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जल भण्डारण योजना का शुभारम्भ किया गया है। योजना के तहत वन क्षेत्रों में जल संग्रहण के लिए जल भंडारण संरचनाओं व बांधांे का निर्माण किया जाएगा। जल भंडारण बांधों के निमार्ण से भूमि कटाव को रोकने में सहायता मिलेगी और साथ ही भूजल के स्तर में भी वृद्धि होगी।
राकेश पठानिया ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण कम वर्षा होने तथा एक वर्ष में सूखे दिनों की संख्या बढ़ने की स्थिति हमारे सामने आई है। वनों में जल भण्डारण संरचनाओं से पानी को अधिक समय तक रोकने मेें सहायता मिलेगी। इन संरचनाओं को हमें तकनीकी पहलुओं की जानकारी के साथ समयबद्ध रूप से बनाना होगा जिससे एकीकृत जल का निरन्तर उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हमें जल संरचनाओं के जलागम क्षेत्रों में भी छोटे-छोटे चैक डैम का निर्माण करना होगा जिससे प्रमुख सरंचनाओं में गाद इत्यादि नहीं भरेगी और अधिक समय तक कार्य कर पांएगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वन निशा सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मिलकर इस योजना की सफलता के लिए कार्य करना होगा। प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन बल डाॅ. सविता ने कहा कि हमें जलागम क्षेत्र के वनों में भी सुधार करना होगा ताकि जल एवं मृदा को वनों में ही रोका जा सके तथा धरती के जल स्तर में वृद्धि की जा सके।
प्रधान मुख्य अरण्यपाल प्रबन्धन राजीव कुमार, प्रबन्ध निदेशक वन विकास निगम अजय श्रीवास्तव, मुख्य परियोजना निदेशक आई.डी.पी. डाॅ. पवनेश, मुख्य परियोजना अधिकारी जाईका नागेश गुलेरिया तथा विभिन्न वन वृत्तों के मुख्य अरण्यपाल एवं अरण्यपालों ने कार्यशाला में भाग लिया।
राज्य में 21.88 लाख लाभार्थियों को लगाई गई कोविड-19 टीकाकरण की पहली खुराक
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां कि राज्य में अब तक 21,88,947 व्यक्तियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है, जिनमें 4,38,750 लोग दूसरी खुराक भी ले चुके हैं। राज्य में 85650 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं और 178047 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि 17 मई, 2021 को प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान आरम्भ होने के बाद, एक माह के अंदर 2,03,487 लोगों का टीकाकरण किया गया है।
 उन्होंने कहा कि देश में टीकाकरण अभियान आरम्भ होने से राज्य में अब तक 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कुल 9,84,687 और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 7,37,076 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है।
प्रवक्ता ने कहा कि जिला बिलासपुर में 3805 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 3294 को दूसरी खुराक, 10498 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2148 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 10679 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 112372 लोगों को पहली खुराक व 29665 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 45.6 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
जिला चंबा में 5972 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4832 को दूसरी खुराक, 10780 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3036 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14092 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 116974 लोगों को पहली खुराक व 18649 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.2 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला हमीरपुर में 5631 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4654 को दूसरी खुराक, 8737 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2312 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 12066 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 150613 लोगों का पहली खुराक व 27197 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 49.5 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
कांगड़ा जिला में 16779 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 13700 को दूसरी खुराक, 25970 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 7317 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 43877 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 391513 लोगों का पहली खुराक व 66213 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.4 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
किन्नौर में 1104 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 978 को दूसरी खुराक, 6085 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2191 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 3797 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 22076 लोगों का पहली खुराक व 5637 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 46.0 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
कुल्लू जिला में 5722 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4085 को दूसरी खुराक, 9537 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2722 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 13052 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 100379 लोगों का पहली खुराक व 21605 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 36.6 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
लाहौल स्पीति में 612 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 449 को दूसरी खुराक, 1840 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 451 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 968 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 7603 लोगों का पहली खुराक व 2510 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 42.3 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
मंडी जिला में 12859 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 11421 को दूसरी खुराक, 17829 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 4860 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 26930 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 260215 लोगों का पहली खुराक व 57935 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 39.4 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
शिमला जिला में 13077 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 10333 को दूसरी खुराक, 31850 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 8530 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 25601 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 202886 लोगों का पहली खुराक व 35389 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 40 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
सिरमौर जिला में 6861 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 5158 को दूसरी खुराक, 14124 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 2706 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14524 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 84200 लोगों का पहली खुराक व 15665 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 30.5 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
सोलन जिला में 8398 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 5989 को दूसरी खुराक, 31764 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3168 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 23149 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 132079 लोगों का पहली खुराक व 14236 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 41.1 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऊना जिला में 4830 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को टीकाकरण की पहली खुराक और 4164 को दूसरी खुराक, 9033 अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं को पहली खुराक व 3055 को दूसरी खुराक, 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 14752 लाभार्थियों को पहली खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 140853 लोगों का पहली खुराक व 32476 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। जिला में 18 व इससे अधिक आयु वर्ग की 36.3 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकता रणनीति के आधार पर विभिन्न आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि जब भी लाभार्थी वैक्सीनेशन सत्र की योजना बनाएं और शेड्यूल निर्धारित करे तब वे यह टीकाकरण के लिए आना अवश्य सुनिश्चित करे। इससे वैक्सीन की कम से कम वेस्टेज और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।