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जसप्रीत ओर IAS सन्दीप ने साइकल से शिमला से चांशल का  190 किलोमीटर का सफर तय कर दिया स्वच्छता और फिटनेस का संदेश.

 

जसप्रीत ओर IAS सन्दीप ने साइकल से शिमला से चांशल का  190 किलोमीटर का सफर तय कर दिया स्वच्छता और फिटनेस का संदेश.

 

शिमला। मंडी के जसप्रीत पाल ओर आईएएस संदीप कुमार ने लोगों को स्वच्छता ओर फिटनेस को लेकर जागरूक करने का बीड़ा उठाया है इसको लेकर साइकल पर सफर कर लोगो को जागरूक किया जा रहा है। अभी हाल ही में जसप्रीत पाल और  संदीप कुमार ने शिमला से पर्यटन स्थल जिसकी दूरी 190 किलोमीटर है तक सफर दो दिन में  साइकल पर पूरा किया।

पहले दिन 138 किलोमीटर का सफर शिमला, ठियोग, नारकंडा, हाटु पीक,बागी,उमलदवार, फ्रॉग,पूजारली से मैंदली ओर रोहड़ू तक उन्होंने 8 घंटे 54 मिंनट में पूरा किया। दूसरे दिन 12 जून को रोहड़ू से  सफर चांसल पीक पर पहुंचने के लिए शुरू हुआ। इस दिन रोहड़ू, चिड़गाव,टिकरी, शिलादेश ओर लडोत को पार करते हुए उन्होंने शिमला जिला की सबसे ऊंची चोटी चांसल पहुंच कर एक ओर उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवा ली। दूसरे दिन 3643 मीटर की ऊंचाई पर साइकिल से सफर किया। जिस ऊंचाई पर पैदल चढ़ना भी मुश्किल है उसे साइकिल के पैडल मारते हुए चढ़ना आसान तो बिल्कुल नहीं था लेकिन उन्होंने यह कर दिखाया। दूसरे दिन 53 किलोमीटर का सफर 6 घंटे 36 मिनट में उन्होंने पूरा कर उन्होंने चांसल पीक पहुंचने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया।

जसप्रीत का दावा है की इस एक्सपेडिशन( शिमला से चांसल पीक) को माउंटेन बाइकिंग द्वारा दो दिन में आज तक किसी ने भी कवर नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 190 किलोमीटर के इस सफर में उन्होंने 6838 एलिवेशन साइकलिंग के माध्यम से हासिल किया।  जसप्रीत ने बताया कि इस सफ़र में चुनौतियां ओर कठिनाइयां कम नहीं थी

जसप्रीत ने बताया कि जब उन्होंने आईएसएस अधिकारी संदीप कुमार के साथ तय किए गए समय पर चांसल पीक को फ़तेह कर लिया तो उनकी ख़ुशी अलग थी जिसने सारी थकान को भी दूर कर दिया लेकिन जिस पीक की खूबसूरती को निहारने के लिए वह इतनी मेहनत कर वहां पहुंचे वहां पहुंच कर वहां के हालात देखकर उन्हें दुख भी हुआ। यहां चारों तरफ़ कूड़ा कचरा फैला था। प्लास्टिक ओर कांच की बोतलें जगह-जगह बिखरी पड़ी थी जिसे जसप्रीत ओर संदीप कुमार ने  एकत्र किया और एक जगह पर उसका ढेर लगाया।

उन्होंने कहा कि। उनका साइकलिंग के माध्यम से हिमाचल के अलग-अलग ओर दुर्गम क्षेत्रों की यात्रा करने के पीछे का उद्देश्य भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे फिट इंडिया मूवमेंट को लेकर युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें प्रकृति से जोड़ने के साथ ही उसका संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे जहां युवा नशे से दूर होंगे तो वहीं अपनी फिटनेस का ध्यान रखने के साथ ही पर्यावरण के संरक्षक के रूप में भी अपनी अहम भूमिका निभा पाएंगे।