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बीजेपी ने काले दिवस के रूप में मनाई आपातकाल की बरसी, आपातकाल को लोकतंत्र पर काले धब्बे के रूप में किया याद

 

बीजेपी ने काले दिवस के रूप में मनाई आपातकाल की बरसी, आपातकाल को लोकतंत्र पर काले धब्बे के रूप में किया याद

शिमला: 25 जून, 1975 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाई गई इमरजेंसी को भारतीय जनता पार्टी देश भर में काला दिवस के रूप में मना रही है. इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में विषम बीजेपी मंडल के कार्यकर्ताओं ने इमरजेंसी की बरसी को काला दिवस के रूप में मनाया. इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

प्रदर्शन के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता गणेश दत्त ने कहा कि इमरजेंसी लोकतंत्र पर काले धब्बे की तरह है. उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों का गलत तरह से इस्तेमाल कर इंदिरा गांधी ने कुर्सी बचाने के लिए आपातकाल लगाया. इस दौरान देशभर के सभी आम नागरिकों के अधिकार छीन लिए गए प्रेस की आजादी पर भी पाबंदी लगा दी गई थी. उन्होंने कहा कि लोगों को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया आज बीजेपी देशभर में इस दिन को काला दिवस के रूप में मना रही है, ताकि मौजूदा पीढ़ी को यह पता लग सके कि साल 1975 में अपनी कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी की सर्वे
सर्वा रही इंदिरा गांधी ने किस तरह अधिकारियों का अधिकारों का दुरुपयोग किया.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की नेता शीतल व्यास ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए अधिकारों का जमकर दुरुपयोग किया और लोगों के अधिकार उनसे छीन लिए. उन्होंने कहा कि देश में इमरजेंसी लगाने के लिए कैबिनेट की राय लेना जरूरी थी, लेकिन इंदिरा गांधी ने केवल अपने बेटे संजय गांधी से सलाह-मशवरा के बाद देशभर में आपातकाल की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है. इंदिरा गांधी ने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए लोगों को गलत तरह से जेल में डलवाया और अधिकारों का हनन किया. उन्होंने कहा कि आज देश इस दिन को काले दिवस के रूप में याद कर रहा है. मौजूदा पीढ़ी को यह पता चलना चाहिए कि साल 1975 में इंदिरा गांधी के कहने पर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया गया था.