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राज्यपाल ने प्रदेश के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया–जाइका इंडिया ने हिमाचल प्रदेश जाइका वानिकी परियोजना की सराहना की

राज्यपाल ने प्रदेश के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रदेश के लोगों से नशे के विरूद्ध अभियान में सक्रियता से भाग लेने और इसमें योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आज़ादी के अमृत महोत्सव में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा।

राज्यपाल मंगलवार देर सायं शिमला के पीटरहाॅॅफ मंे सम्मान और सलाम फाउंडेशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कोविड महामारी के इस कठिन दौर में भी समर्पण भाव व कत्र्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया।

राज्यपाल ने कहा कि यदि हमें नशे के स्रोत के बारे में पता है तो हमें इसके विरूद्ध आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी भावी पीढ़ी नशीलें पदार्थोंे का शिकार हो रही है। उन्हें इस बुराई से बचाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां के लोगों में आतिथ्य सत्कार और सम्मान की भावना सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे उदाहरण प्रस्तुत करने की आवश्यकता है, जिसके लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि आज वीर नारियों को सम्मानित करके हिमाचल के वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में हर्ष का विषय है कि गैर-सरकारी संगठन भी हिमाचल प्रदेश के वीरों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मानित करने में गर्व महसूस करते हैं।

उन्होंने वास्तविक नायकों को सम्मानित करने के लिए सम्मान और सलाम फाउंडेशन के पदाधिकारियों को उनकी निःस्वार्थ पहल के लिए बधाई दी।

इससे पूर्व फाउंडेशन के हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक कुमार झा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

सम्मान और सलाम फाउडेशन के मुख्य संरक्षक एसके शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

जाइका इंडिया ने हिमाचल प्रदेश जाइका वानिकी परियोजना की सराहना की

जाइका इंडिया द्वारा राज्यों में जापान सरकार की मदद से चलाई जा रही वानिकी और एन.आर.एम. परियोजनाओं की समीक्षा के लिए 27 से 29 सितम्बर, 2021 तक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से 12वीं परियोजना निदेशक की बैठक आयोजित की गई। इस वीडियो कॉनफेरेन्स का संचालन जाइका इंडिया कार्यालय के मुख्य विकास विशेषज्ञ विनीत सरीन ने किया।

इस वर्चुअल बैठक में देश के विभिन्न राज्यों में जापान सरकार की मदद से चलाई जा रही परियोजनाओं के बारे में जानकारी ली गई। मुख्य रूप से सतत् आजीविका और अंतर क्षेत्रीय अभिसरण पर सभी राज्यों में किए गए कार्यक्रमों पर राज्य के परियोजना निदेशकों द्वारा प्रस्तुति दी गई। प्रदेश के अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं मुख्य परियोजना निदेशक (जाइका) नागेश कुमार गुलेरिया ने हिमाचल प्रदेश में आजीविका संवर्धन पर किए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

जाइका इंडिया ने प्रदेश में वानिकी परियोजना के अन्तर्गत किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिमाचल में क्षेत्रीय विशेष आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि स्थानीय निवासी लाभान्वित हो सकंे। इसके अतिरिक्त जाइका परियोजना द्वारा वन विभाग के साथ मिलकर किए जा रहे अभिसरण से जल भड़ारण योजना के तहत टैंक, जल भड़ारण संरचना, चेक डैम इत्यादि का निर्माण, एचपीएसआरएलएम के मौजूदा विपणन ढांचे का उपयोग, परियोजना क्षेत्र में कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों में अधिकतम लाभ अर्जित करने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों व अनुसंधान संस्थानों से सहयोग एवं वनों से अत्याधिक दोहन तथा अन्य कई कारणों से जड़ी-बूटियों के अपघटन की रोकथाम की दिशा में हिमाचल प्रदेश वन पारिस्थितिकी तंत्र प्रबधन एवं आजीविका सुधार परियोजना के अतंर्गत पी.एम.यू. स्तर पर जड़ी-बूटी प्रकोष्ठ के गठन की भी सराहना की गई।

नागेश गुलेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के प्रगतिशील नेतृत्व और वन मंत्री राकेश पठानिया के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में जाइका परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया है ताकि प्रदेश के वनों के सुधार के साथ-साथ वनों पर आश्रित समुदायों को आमदनी का एक अतिरिक्त साधन उपलब्ध हो सके। मुख्य परियोजना निदेशक (जाइका) ने परियोजना की गतिविधियों को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोगों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।