राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने न्यायाधीश एस ए सईद को दिलाई 27वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने न्यायाधीश एस ए सईद को दिलाई 27वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ

 

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश एस ए सईद को प्रदेश उच्च न्यायालय के 27वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ दिलाई। आज राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज सहित नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह,डीजीपी संजय कुंडू सहित कई प्रशासनिक अधिकारी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद हाई कोर्ट परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। उनके स्वागत में हाईकोर्ट में ही फूल कोर्ट वेलकम एड्रेस का आयोजन भीं किया जायेगा।
मुख्य न्यायाधीश अहमद सैयद ने कहा कि हिमाचल बहुत सुंदर प्रदेश है। उन्होंने कहा कि वह अपना बहेतर करने का प्रयास करेंगे। न्यायाधीश ने कहा कि उनका पहला कार्य पांच साल से ज्यादा पुराने लंबित मामलों का ज्यादा से ज्यादा निपटारा करने का रहेगा ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि लोग लीगल एड का ज्यादा से ज्यादा लाभ लें सके इसके लिए वह लीगल अवेयरनेस को बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी मुख्य न्यायाधीश हिमाचल आने पर स्वागत किया और और उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अन्य राज्यों के मुकाबले कानून व्यवस्था काफी बेहतर है आने वाले समय में वह मिलकर और बेहतर तरीके से काम करेंगे।
बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश अमजद ए सईद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 27वें मुख्य न्यायधीश होंगे। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर अमल करते हुए इन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति सम्बन्धी अधिसूचना 19 जून को जारी की थी। 21 जनवरी 1961 को जन्मे न्यायाधीश सैयद ने वर्ष 1984 में बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह बॉम्बे हाईकोर्ट में सहायक सरकारी वकील भी रहे। इन्होंने सरकार की ओर से मैंग्रोव, कचरा डंपिंग, चैरिटेबल अस्पतालों में गरीबों के लिए मुफ्त- रियायती चिकित्सा उपचार, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, और कुपोषण ऐसे अतिमहत्वपूर्ण मुद्दों से संबंधित जनहित याचिका मामलों में पैरवी की। कई पब्लिक अंडरटैकिंग पैनल में रहे और उनकी ओर से मध्यस्थता में भी पेश हुए हैं। यहां बता दें कि 25 मई को निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश मोहमद रफीक 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त हुए थे और वरिष्ठम न्यायाधीश सबीना को हाईकोर्ट का कार्यवाहक न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।