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शिमला नागरिक सभा की टूटू इकाई ने टूटू में बंदरों के बढ़ते आतंक पर नगर निगम शिमला व वाइल्ड लाइफ विभाग की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की

शिमला नागरिक सभा की टूटू इकाई ने टूटू में बंदरों के बढ़ते आतंक पर नगर निगम शिमला व वाइल्ड लाइफ विभाग की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की है। नागरिक सभा ने चेताया है कि टूटू में अगर बंदरों के उत्पात व आतंक को रोकने के लिए तुरन्त समाधान न किया गया तो नागरिक सभा वाइल्ड लाइफ कन्ज़र्वेटर व नगर निगम आयुक्त कार्यालय का घेराव करने को बाध्य होगी।

शिमला नागरिक सभा नेता व टूटू निवासी विजेंद्र मेहरा,हेमराज चौधरी,रजनी देवी,सौरभ कौंडल,राकेश कुमार,सुरजीत सिंह,मलकीयत सिंह,टेक चंद,संदीप वर्मा,विवेक कुमार,अनिल कुमार,संजीव कुमार,दीपक कुमार,कुंदन सिंह व रीता देवी आदि ने टूटू क्षेत्र में बंदरों के आतंक पर गम्भीर चिंता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि टूटू क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग बुरी तरह भयभीत हैं। लोअर टूटू में पंजाब नेशनल बैंक व लोअर टूटू बाजार के मध्य के मोहल्ले में बंदर लगातार डेरा डाले बैठे रहते हैं। यहां सड़क से नीचे उतरने वाली सीढ़ियों पर बंदरों के आतंक के कारण लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है। इस रास्ते पर बंदर पिछले डेढ़ महीने में बुजुर्गों व बच्चों सहित आठ लोगों को गम्भीर रूप से घायल कर चुके हैं। इनमें से एक तो पिछले डेढ़ महीने से टांग के ऑपरेशन के बाद बिस्तर पर ही हैं। स्थानीय जनता बंदरों के आतंक से इतनी ज्यादा भयभीत है कि बाजार व डयूटी पर आते-जाते समय अथवा बच्चों को स्कूल छोड़ते वक्त लोगों को लकड़ी का डंडा हमेशा साथ लेकर चलना पड़ता है। इन बंदरों के आतंक पर नकेल लगाने के लिए नगर निगम शिमला व वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वाइल्ड लाइफ विभाग केवल पिंजरा लगाकर अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लेता है। बंदरों के हमला करने से पीड़ित का काफी ऊपर से नीचे गिरना तय है व इस से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। उन्होंने नगर निगम शिमला से कहा है कि क्या वह बंदरों के हमले में किसी की मौत का इंतज़ार कर रहा है और क्या उसके बाद ही वह जागेगा। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि वह जनता की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा है कि एक बार कुछ बंदरों को वाइल्ड लाइफ विभाग के कर्मचारी पकड़कर ले गए थे परन्तु नियमानुसार बाद में उन्हें यहीं छोड़ गए। ये बंदर बेहद उत्पाती हो चुके हैं व बार-बार लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसकी जानकारी विभाग को भी है। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि वर्मिन घोषित होने के बावजूद भी शिमला शहर के लोगों को बंदरों के आतंक से मुक्ति नहीं मिली। उन्होंने मांग की है कि इन बंदरों की वैज्ञानिक कलिंग की जाए ताकि जनता को इनके आतंक से राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर लोगों को बंदरों के आतंक से निजात न मिली तो नागरिक सभा वाइल्ड लाइफ व नगर निगम कार्यालय का घेराव करेगी।