Breaking News

राज्यपाल ने सामाजिक बुराइयों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाने पर बल दिया

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने समाज के सभी वर्गों के सहयोग से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं को नशाखोरी व स्वच्छता आदि के विरूद्ध सक्रिय जन जागरूकता अभियान में भाग लेना चाहिए ताकि इस अभियान को और सशक्त बनाया जा सके।

राज्यपाल ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में भाग लेते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं और आर्थिक संसाधनों का भी अभाव है लेकिन इसके बावजूद राज्य प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के लोग भोले-भाले, शान्ति प्रिय और मेहनती हंै। यहां के लोगांे की प्रगतिशील सोच के कारण प्रदेश को समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर पुरस्कार मिलते रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश की प्राथमिकताओं की चर्च करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने के उपरान्त नशा निवारण, स्वच्छता, सांस्कृतिक धरोहर संवर्द्धन, पर्यावरण, पर्यटन और कौशल विकास, गुणवत्त्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य और जैविक खेती आदि कार्यक्रमों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपने दो माह के छोटे से कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न सामाजिक मुद्दों को केन्द्रित कर समाज में नवाचार को दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जिसके तहत लगभग 50 हजार किसानों को जोड़ा गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम जन मंच के सफल कार्यन्वयन और हाल ही में संपन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की भी जानकारी दी।

राज्यपाल ने कहा कि संवेदनशील जम्मू-कश्मीर व चीन के साथ सीमा, पर्यटकों की भारी संख्या में आवाजाही, निर्वासित तिब्बत सरकार की उपस्थिति, कठिन भौगोलिक क्षेत्र और विपरीत जलवायु परिस्थितियां होने के बावजूद हिमाचल एक शान्त प्रदेश है। उन्होंने चीन से सटे राज्य किन्नौर और लाहौल-स्पिति क्षेत्र में बेहतर आधारभूत ढांचे, संचार व्यवस्था और तकनीक की उपलब्धता पर बल देते हुए कहा कि इसके लिए आवश्यकतानुसार बजट बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लेह क्षेत्र को हिमाचल से जोड़ने के लिए ब्राॅडगेज रेल लाइन और अन्तरराष्ट्रीय स्तर की हवाई पट्टी के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति-2019 का प्रारूप सही दिशा में लिया गया कदम है। उन्होंने आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा के आधुनिक शिक्षा के साथ सामंजस्य स्थापित करने पर बल दिया। उन्होेंने कहा कि सहानुभूति, सौहार्द, वैश्विक भाईचारा आदि हमारी शिक्षा व्यवस्था के अंग होने चाहिए।

Leave a Reply

Our Visitor

0 2 5 9 3 3
Users This Month : 426
x

Check Also

नेशनल चैंपियन सुरेंद्र बहल का गृह जिला जिला में यस, हिमाचल द्वारा स्वागत नरेंद्र अत्री ने स्मृति चिन्ह व टोपी पहना कर किया अभिनंदन

नेशनल चैंपियन सुरेंद्र बहल का गृह जिला जिला में यस, हिमाचल द्वारा स्वागत नरेंद्र अत्री ने ...